
2.40 लाख कोल कर्मियों का नया वेतन समझौता अटका, JBCCI-12 के गठन में देरीकोरबा। कोल इंडिया के करीब 2.40 लाख गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के नए वेतन समझौते की प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है। इसका मुख्य कारण नए वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई-12 (JBCCI-12) का गठन नहीं होना है। पुराना राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 (NCWA-XI) 30 जून 2026 को समाप्त हो चुका है, लेकिन अब तक नए समझौते की वार्ता शुरू नहीं हो सकी है। 3 सितंबर को मिला था गठन का आश्वासन3 सितंबर को हुई एपेक्स संयुक्त परामर्श समिति की बैठक में ट्रेड यूनियनों ने जेबीसीसीआई-12 के गठन का मुद्दा उठाया था। इस दौरान कोल इंडिया प्रबंधन ने कोयला मंत्रालय से आवश्यक अनुमति लेने के लिए पत्र भेजने का भरोसा दिया था। इस आश्वासन के बाद यूनियनों ने 12 सितंबर को रांची में प्रस्तावित संयुक्त सम्मेलन भी स्थगित कर दिया था। हालांकि, इसके बाद भी समिति के गठन की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। 20 सितंबर तक न तो मंत्रालय की मंजूरी सामने आई और न ही जेबीसीसीआई-12 के गठन की आधिकारिक सूचना जारी हुई। इससे कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों में आगे की प्रक्रिया को लेकर असमंजस बना हुआ है। 30 जून को समाप्त हो चुका है पुराना समझौताराष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 की अवधि 1 जुलाई 2021 से 30 जून 2026 तक थी। इस समझौते के तहत कोयला कर्मचारियों के वेतन और सेवा से जुड़े मुद्दों पर वार्ता की गई थी। अब इसकी अवधि समाप्त होने के बाद नए समझौते के लिए जेबीसीसीआई-12 का गठन आवश्यक है। समिति बनने के बाद ही कर्मचारी संगठनों और प्रबंधन के बीच वेतन तथा सेवा शर्तों से संबंधित बातचीत आगे बढ़ सकेगी। श्रमिक संगठनों की नजर मंत्रालय और प्रबंधन परजेबीसीसीआई-12 के गठन में देरी के बीच अब श्रमिक संगठनों की नजर कोल इंडिया प्रबंधन और कोयला मंत्रालय की अगली कार्रवाई पर है। कर्मचारियों के बीच मुख्य सवाल यह है कि मंत्रालय से अनुमति कब मिलेगी, समिति का गठन कब होगा और नए वेतन समझौते की वार्ता आखिर कब शुरू होगी।श्रम संबंधों पर भी पड़ेगा असरजेबीसीसीआई-12 का गठन केवल नए वेतन समझौते की वार्ता शुरू करने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। इसके माध्यम से कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व, प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच बातचीत तथा औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के संभावित क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। फिलहाल करीब 2.40 लाख कोयला कर्मचारियों की निगाहें समिति के गठन पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि कोल इंडिया प्रबंधन और कोयला मंत्रालय इस प्रक्रिया को कब आगे बढ़ाते हैं और NCWA-XII की वेतन वार्ता की शुरुआत कब होती है।












