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छत्तीसगढ़ भाजपा में 2008 से 2026 तक बदला सियासी ग्राफ, कई दिग्गजों की बदली भूमिका

छत्तीसगढ़ भाजपा में 2008 से 2026 तक बदला सियासी ग्राफ, कई दिग्गजों की बदली भूमिका

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की राजनीति में पिछले करीब डेढ़ दशक में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2008 और 2013 के दौर में पार्टी के जिन नेताओं का संगठन और सरकार में दबदबा था, उनमें से कई आज अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। कुछ नेता सांसद और मंत्री बने, तो कुछ सक्रिय राजनीति से बाहर हो गए हैं।

 

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह लंबे समय तक प्रदेश भाजपा की राजनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में रहे। मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के बाद उनकी भूमिका बदली और वे विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी तक पहुंचे। वहीं विष्णुदेव साय का राजनीतिक सफर भी लगातार आगे बढ़ा। आदिवासी नेतृत्व के प्रमुख चेहरे के रूप में उन्होंने संगठन और केंद्र की राजनीति में जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने।

 

भाजपा के कई अन्य पुराने नेताओं के राजनीतिक कद में भी समय के साथ बदलाव आया। कुछ नेताओं को सरकार और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं, जबकि कुछ चुनावी राजनीति में पहले जैसी सक्रियता नहीं दिखा सके।

 

छत्तीसगढ़ में भाजपा की सत्ता वापसी के साथ प्रदेश की राजनीति में नई पीढ़ी के नेताओं का प्रभाव भी बढ़ा है। ऐसे में 2008 से 2026 तक का राजनीतिक सफर यह दिखाता है कि भाजपा में नेताओं की भूमिका समय, चुनावी परिणाम और संगठन की जरूरतों के अनुसार लगातार बदलती रही है।

 

सियासी तस्वीर का अहम पहलू यह है कि जो नेता एक समय प्रदेश की राजनीति के केंद्र में थे, उनमें से कई आज अलग जिम्मेदारियों में हैं, जबकि कुछ नए चेहरे पार्टी के नेतृत्व में तेजी से उभरे हैं।

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