
कबाड़ से बेटियों ने तैयार किए अनोखे मॉडल, स्मार्ट स्कूल बैग और थूक डिटेक्शन सेंसर ने खींचा ध्यान
रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली दो छात्राओं ने अपनी रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऐसे मॉडल तैयार किए हैं, जो रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं। दोनों छात्राओं के नवाचारों को इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत प्रस्तुत किया गया है।
देवरी खुर्द और बिजौर क्षेत्र की छात्राओं ने सीमित संसाधनों में कबाड़ और उपलब्ध सामग्री का उपयोग कर उपयोगी मॉडल तैयार किए। इनमें स्मार्ट स्कूल बैग और स्पिट डिटेक्शन सेंसर जैसे नवाचार शामिल हैं।
स्मार्ट स्कूल बैग को विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। वहीं, स्पिट डिटेक्शन सेंसर का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने जैसी समस्या की पहचान कर लोगों को जागरूक करना है।
इन मॉडलों की खासियत यह है कि इन्हें तैयार करने में महंगे संसाधनों के बजाय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री और छात्राओं की अपनी कल्पनाशीलता का इस्तेमाल किया गया। नवाचारों के जरिए छात्राओं ने यह संदेश दिया है कि वैज्ञानिक सोच और समस्या के समाधान की इच्छा हो तो सीमित संसाधनों में भी उपयोगी तकनीक विकसित की जा सकती है।
इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। छात्राओं के इन प्रयोगों को इसी दिशा में एक उल्लेखनीय प्रयास माना जा रहा है।













