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रायपुर में 177 मिलर्स पर 466 करोड़ रुपये का चावल बकाया, प्रशासन ने दी सीलबंदी की चेतावनी

रायपुर में 177 मिलर्स पर 466 करोड़ रुपये का चावल बकाया, प्रशासन ने दी सीलबंदी की चेतावनीरायपुर। जिले में कस्टम मिलिंग के तहत धान के बदले चावल जमा कराने में बड़ी लापरवाही सामने आई है। रायपुर में अनुबंधित 183 मिलर्स में से केवल छह मिलर्स ही पूरा चावल नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करा पाए हैं। वहीं, 177 मिलर्स के पास करीब 1,16,562 टन चावल जमा करना बाकी है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 466 करोड़ रुपये बताई गई है।प्रशासन ने बकायादार मिलर्स को अब तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय में चावल जमा नहीं करने पर संबंधित मिलर्स की बैंक गारंटी जब्त करने के साथ मिल सीलबंद करने की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने मिलवार बकाया की समीक्षा शुरू कर दी है।केवल छह मिलर्स ने पूरा किया लक्ष्यजिले में कुल 183 मिलर्स ने कस्टम मिलिंग के लिए धान उठाया था। इनमें से सिर्फ छह मिलर्स ने उठाए गए धान के अनुपात में 100 प्रतिशत चावल जमा किया है। वहीं, 32 मिलर्स ऐसे हैं जिन्होंने 90 से 100 प्रतिशत तक चावल जमा कराया है।करीब 80 मिलर्स ने 50 से 90 प्रतिशत तक चावल जमा किया है, जबकि कई मिलर्स का जमा प्रतिशत इससे भी कम है। इससे बड़ी मात्रा में चावल अभी मिलों में लंबित होने की स्थिति सामने आई है।11 मिलर्स ने जमा नहीं किया एक भी दानासबसे गंभीर स्थिति 11 मिलर्स की बताई गई है। इन मिलर्स की ओर से अब तक कस्टम मिलिंग का एक भी दाना चावल जमा नहीं कराया गया है। प्रशासन ने ऐसे मिलर्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और जल्द चावल जमा कराने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मिलिंग और चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने पर बैंक गारंटी पर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मिल सील की जाएगी।प्रशासन ने तीन दिन का दिया समयअपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर के अनुसार, कस्टम मिलिंग का चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स पर सख्ती की जाएगी। संबंधित मिलर्स को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। तीन दिनों के भीतर चावल जमा नहीं करने पर बैंक गारंटी जब्त करने और मिल सीलबंद करने की कार्रवाई की जाएगी।अगले महीने तक जमा कराने का लक्ष्यप्रशासन का लक्ष्य है कि लंबित चावल को जल्द से जल्द नागरिक आपूर्ति निगम में जमा कराया जाए। इसके लिए मिलर्स की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। बड़ी मात्रा में चावल अभी लंबित होने के कारण प्रशासन ने बकायादार मिलर्स पर दबाव बढ़ा दिया है।राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल के अनुसार, मिलर्स फिलहाल एफसीआई के चावल को जमा कराने को प्राथमिकता दे रहे थे। अब नान के चावल को भी तेजी से जमा कराने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।

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