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कांकेर में रिहायशी इलाके में दिखा भालू, पेड़ पर बैठा रहा; 150 से अधिक परिवारों में बढ़ी चिंता

कांकेर में रिहायशी इलाके में दिखा भालू, पेड़ पर बैठा रहा; 150 से अधिक परिवारों में बढ़ी चिंताकांकेर। जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। शहर के इमलीपारा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 15 सितंबर की रात एक भालू पेड़ पर बैठा हुआ दिखाई दिया। रात करीब 10 से 11 बजे के बीच स्थानीय लोगों की नजर भालू पर पड़ी, जिसके बाद लोगों ने मोबाइल से उसकी तस्वीरें और वीडियो भी बनाए। घटना के बाद कॉलोनी में रहने वाले लोगों के बीच दहशत और सतर्कता बढ़ गई है।हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 150 से अधिक क्वार्टर हैं। यहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं और कॉलोनी परिसर के आसपास बच्चों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में रिहायशी इलाके में भालू के पहुंचने से लोगों को बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है।काफी देर तक पेड़ पर बैठा रहा भालूप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भालू काफी देर तक पेड़ पर बैठा रहा। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने दूरी बनाए रखते हुए उसकी तस्वीरें और वीडियो बनाए। भालू के रिहायशी इलाके में दिखाई देने की सूचना फैलते ही लोगों में सतर्कता बढ़ गई और रात के समय बाहर निकलने को लेकर लोग सावधानी बरतने लगे।गांवों के बाद शहर तक पहुंच रहे भालूकांकेर जिले के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में भालुओं की आवाजाही पहले भी सामने आती रही है। सरोना क्षेत्र के कई गांवों में भालुओं के घरों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। भोजन की तलाश में वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बन रही है।जनवरी 2025 में डोंगरकट्टा क्षेत्र में भालू के हमले में पिता-पुत्र की मौत हुई थी। वहीं अगस्त 2026 में नरहरपुर क्षेत्र में भालू के हमले में भाई-बहन की मौत और एक महिला के घायल होने की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद जिले में वन्यजीवों की आबादी वाले क्षेत्रों में आवाजाही को लेकर चिंता और बढ़ी है।2022 से 2025 के बीच 11 लोगों की मौतकांकेर वन मंडल के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022 से 2025 के बीच भालू और तेंदुए के हमलों में 11 लोगों की मौत, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह आंकड़ा दोनों वन्यजीवों के हमलों का संयुक्त आंकड़ा है। भालू के हमलों में हुई मौतों का अलग-अलग वर्षवार आंकड़ा वन विभाग से लिया जाना आवश्यक है।रिहायशी इलाके में भालू के पहुंचने की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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