
रायपुर बना गांजा तस्करों का नया रूट, 13 दिनों में 500 किलो गांजा जब्त; पांच गिरफ्ता
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर गांजा तस्करी के लिए एक अहम ट्रांजिट रूट के रूप में सामने आ रहा है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महज 13 दिनों के भीतर करीब 500 किलो गांजा जब्त किया है। अलग-अलग कार्रवाई में तस्करी से जुड़े पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
DRI की कार्रवाई से सामने आया है कि तस्कर बड़ी मात्रा में गांजे को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए रायपुर को रास्ते के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे। एजेंसी ने तस्करी के इस नेटवर्क पर नजर रखते हुए लगातार कार्रवाई की।
13 दिनों में दो बड़ी कार्रवाई
DRI की टीम ने तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान 13 दिनों के भीतर गांजे की बड़ी खेप पकड़ी। जब्त किए गए गांजे की कुल मात्रा करीब 500 किलोग्राम बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने से तस्करी के संगठित नेटवर्क को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है।
पांच तस्कर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। DRI अब आरोपितों से पूछताछ कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही DRI
बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने के बाद जांच एजेंसी अब तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। इसमें सप्लायर, खरीदार और परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। DRI यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रायपुर के रास्ते गांजे की तस्करी कितने समय से चल रही थी और इसके पीछे कौन सा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
लगातार हो रही बड़ी जब्ती से साफ है कि रायपुर गांजा तस्करी के नेटवर्क में महत्वपूर्ण रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। DRI की आगे की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।












